5 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर

भारत के 5 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर: जहाँ दर्शन मात्र से दूर होते हैं सारे संकट

5 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर: सनातन धर्म में भगवान हनुमान को ‘कलियुग का जागृत देवता’ माना गया है। मान्यता है कि जहाँ भी प्रभु श्री राम का नाम लिया जाता है, वहाँ बजरंगबली अदृश्य रूप में उपस्थित रहते हैं। उत्तर प्रदेश की पावन गलियों से लेकर राजस्थान के रेतीले धोरों तक, भारत में ऐसे कई मंदिर हैं जहाँ हनुमान जी के साक्षात चमत्कार आज भी भक्तों को विस्मित कर देते हैं। यदि आप शनि दोष, पितृ दोष या जीवन की बड़ी बाधाओं से मुक्ति चाहते हैं, तो इन 5 प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों (Top 5 Hanuman Temples) की यात्रा आपके भाग्य के द्वार खोल सकती है।


1. संकट मोचन हनुमान मंदिर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)

काशी के हृदय में स्थित यह मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है।

  • इतिहास और चमत्कार: इस मंदिर की स्थापना स्वयं गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी। पौराणिक कथा है कि तुलसीदास जी को इसी स्थान पर हनुमान जी के साक्षात दर्शन हुए थे।
  • विशेषता: यहाँ हनुमान जी की मूर्ति मिट्टी की बनी है और वे अपने आराध्य श्री राम की ओर मुख किए हुए हैं।
  • प्रमुख उत्सव: संकट मोचन संगीत समारोह यहाँ का मुख्य आकर्षण है।

2. हनुमान गढ़ी, अयोध्या (उत्तर प्रदेश)

अयोध्या धाम की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक आप हनुमान गढ़ी में माथा न टेक लें।

  • पौराणिक महत्व: भगवान राम ने लंका विजय के बाद हनुमान जी को रहने के लिए यह ऊंचा टीला दिया था। इसे अयोध्या का ‘कोतवाल’ भी कहा जाता है।
  • स्थापत्य: यह एक किले की तरह दिखता है जहाँ 76 सीढ़ियाँ चढ़कर भक्त ऊपर पहुँचते हैं।
  • मान्यता: प्रभु राम के दर्शन से पहले हनुमान जी की आज्ञा लेना यहाँ की परंपरा है।

3. राजापुर नदी के हनुमान जी (बांदा/चित्रकूट मार्ग)

तुलसीदास जी की जन्मस्थली राजापुर के पास यमुना नदी के तट पर स्थित यह मंदिर अत्यंत प्राचीन और सिद्ध पीठ माना जाता है।

  • इतिहास: लोक कथाओं के अनुसार, जब तुलसीदास जी चित्रकूट जा रहे थे, तब इसी नदी के तट पर उन्हें हनुमान जी ने सहायता प्रदान की थी।
  • चमत्कार: भक्त मानते हैं कि यहाँ की मिट्टी और जल में उपचारात्मक शक्तियाँ हैं। यह मंदिर आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है।

4. हनुमान धारा, चित्रकूट (मध्य प्रदेश/उत्तर प्रदेश सीमा)

चित्रकूट की पहाड़ियों पर स्थित यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य और अध्यात्म का अनूठा संगम है।

  • पौराणिक कथा: लंका दहन के बाद हनुमान जी की पूंछ में लगी आग की तपन को शांत करने के लिए प्रभु राम ने यहाँ एक जलधारा उत्पन्न की थी।
  • विशेषता: आज भी पहाड़ से एक ठंडी जलधारा निरंतर हनुमान जी की मूर्ति के मस्तक और कंधे पर गिरती रहती है, जिसका स्रोत आज तक एक रहस्य है।

5. सालासर बालाजी, चूरू (राजस्थान)

5 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर
सालासर बालाजी हनुमान मंदिर

राजस्थान के चूरू जिले में स्थित सालासर धाम दुनिया का इकलौता मंदिर है जहाँ हनुमान जी दाढ़ी और मूंछ के साथ विराजमान हैं।

  • स्थापत्य और मूर्ति: यहाँ हनुमान जी ‘बाल रूप’ (बालाजी) में हैं। मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है जो एक किसान को हल चलाते समय मिली थी।
  • धार्मिक महत्व: यहाँ भक्त अपनी मन्नत पूरी होने के लिए नारियल बांधते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष जानकारी (Pro-Tips)

  1. ड्रेस कोड: मंदिर में शालीन भारतीय वस्त्र पहनें।
  2. पूजा सामग्री: हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और बेसन के लड्डू अति प्रिय हैं।
  3. समय: हनुमान धारा की चढ़ाई के लिए सुबह का समय चुनें (लगभग 360 सीढ़ियाँ हैं)।
  4. भीड़ से बचें: विशेष उत्सवों जैसे हनुमान जयंती पर ऑनलाइन बुकिंग और कतारों की जानकारी लेकर ही जाएं।

निष्कर्ष

ये पाँचों मंदिर केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा के भंडार हैं। चाहे वह संकट मोचन की शांति हो या सालासर बालाजी का चमत्कार, हर मंदिर भक्त को एक नया अनुभव देता है। यदि आप अपनी परेशानियों से घिरे हैं, तो इन सिद्ध पीठों की शरण में जाना आपके लिए जीवन बदलने वाला अनुभव हो सकता है।


FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. क्या हनुमान धारा चित्रकूट में चढ़ाई कठिन है?

हाँ, यहाँ पहुँचने के लिए लगभग 360 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं, लेकिन अब वहाँ रोपवे की सुविधा पर भी विचार किया जा रहा है।

2. सालासर बालाजी में दर्शन के लिए सबसे अच्छा दिन कौन सा है?

सामान्य दिनों में मंगलवार और शनिवार सबसे अच्छे हैं, लेकिन शरद पूर्णिमा और हनुमान जयंती पर यहाँ भारी भीड़ होती है।

3. क्या अयोध्या हनुमान गढ़ी में फोटोग्राफी की अनुमति है?

मंदिर के मुख्य गर्भगृह में फोटोग्राफी वर्जित है, लेकिन बाहरी परिसर में आप तस्वीरें ले सकते हैं।

4. वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में मुख्य प्रसाद क्या है?

यहाँ ‘बेसन के लड्डू’ का प्रसाद सबसे प्रसिद्ध है, जिसे मंदिर ट्रस्ट स्वयं शुद्धता के साथ बनाता है।

5. क्या इन मंदिरों में वीआईपी दर्शन की सुविधा है?

अधिकांश मंदिरों में टोकन सिस्टम या ई-पास की सुविधा उपलब्ध है, विशेषकर अयोध्या और सालासर में।

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